रंगो से लाये अपने जीवन में बदलाव

अक्सर आपने देखा होगा की चित्रकार देवी देवताओं का चित्र बनाते समय उनके चेहरे पर एक अलग प्रकार का तेज डालते हैं. यह सिर्फ चित्रकार की सोच नहीं होती है बल्कि इस संसार में सभी के आभामंडल पर अलग-अलग प्रकार का तेज होता हैं. वैज्ञानिकों की खोज के अनुसार आभामंडल के तेज को किरलियन फोटोग्राफी के द्वारा देख सकते हैं. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे शरीर में भी अलग-अलग प्रकार के रंग होते हैं. इसके साथ ही हमारे शरीर पर भोजन, कपड़े, सूर्य और घर आदि के रंगों का भी असर होता है. इसीलिए आज के समय में कलर थेरेपी इलाज का एक बहुत ही कारगर तरीका बन चुकी है.

जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र

कभी कभी लगातार कठिन परिश्रम करने के बाद भी घर में बरकत नहीं रहती है. घर में धन आता तो है पर वह फौरन खत्म हो जाता है. इसके अलावा आपके घर में हमेशा कलह का माहौल बना रहता है. अगर आपके साथ भी यही सारी समस्याएं आ रहे हैं तो यह लेख जरूर पढ़ें. इस लेख के द्वारा आपको घर में बरकत लाने के उपायों के बारे में बताया जा रहा है जिसका इस्तेमाल करने से आपके जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी और आपके घर में बरकत आएगी.

हस्तरेखा से जानिए क्यों टूट जाते हैं दिल के मजबूत रिश्ते

प्यार एक बहुत ही खूबसूरत एहसास है. दुनिया में सभी को कभी ना कभी किसी से प्यार जरूर होता है. दिल का मामला बहुत ही नाजुक होता है. अगर किसी व्यक्ति को प्यार हो जाये  तो उसे दुनिया  की हर चीज खूबसूरत दिखाई देती है. प्यार होने पर थोड़ी सी चोट लगने पर दिल टूट जाता है और प्रेमी जोड़ों के बीच का प्यार खत्म हो जाता है. वैसे तो दिल टूटने का दोष किसी को भी नहीं दिया जा सकता है, पर हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार दिल टूटने का कारण आप की हस्त रेखाएं होती हैं. जीवन में हस्त रेखाएं प्रेम को बढ़ावा देती हैं. अगर दिल टूटने का कारण  हस्त रेखाएं होती हैं, तो दिल को जोड़ने का तरीका भी हस्तरेखाएं ही बताती हैं.  युगों युगों से कितने ही प्रेमी आए और चले गए, पर प्रेम कभी भी खत्म नहीं होता है. सभी प्रेमी युगल अपने प्यार की खातिर एक दूसरे पर सब कुछ लुटा देने को तैयार रहते हैं, पर किस्मत कभी-कभी ऐसा खेल खेलती है कि प्रेमी एक दूसरे से अलग हो जाते हैं. सामुद्रिक ज्योतिष के अनुसार हमारी हाथों में    कुछ ऐसी रेखाएं मौजूद होती हैं जो किसी प्रेमी जोड़े को जीवन भर का साथ देती हैं तो किसी को जीवन भर की     जुदाई का गम सहना पड़ता है. अगर आपकी हाथों की रेखाओं में शुक्र पर्वत अधिक उभार लिए हुए हैं और उस पर तिल का निशान या द्वीप भी मौजूद है तो आपके के बीच में पारिवारिक मान्यताएं और अन्य कुछ चीजें बाधक बन सकती हैं. जिससे प्रेमी युगल के मिलन में रुकावट आ सकती है. अगर आपकी हथेली में हृदय रेखा पर द्वीप का निशान मौजूद है या जीवन रेखा को कई मोटी रेखाएं काट रही हैं, इसके अलावा चंद्र पर्वत अत्यधिक विकसित है तो आपकी शादी आपके प्रेमी से नहीं हो पाएगी. यह रेखा इस बात की तरफ इशारा करती है कि आपको आपका मनपसंद जीवनसाथी नहीं मिल पाएगा. हाथों पर दिखने वाली काली और सख्त लकीरें भी प्रेमी प्रेमिका के विरह का कारण बनती हैं. ऐसी रेखाएं होने पर प्रेमी युगल के बीच में विचारों का सामंजस्य नहीं बैठता है. जिसकी वजह से वह एक दूसरे से अलग हो    जाते हैं.   यदि आपके हाथ में गुरु की उंगली छोटी है या मस्तिष्क रेखा का अंत चंद्र पर्वत पर हो रहा है अथवा भाग्य रेखा    एवं हृदय रेखा मोटी है तो आपके परिवार के लोग आपके बीच में गलतफहमियां पैदा कर सकते हैं. जिससे आपका संबंध आपके प्रेमी से टूट सकता है. अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आपका प्रेमी आपसे जुदा होने    वाला है तो अपनी हथेली में देखें कि मंगल पर्वत और बुद्ध के स्थान पर रेखाओं का जाल तो नहीं फैला हुआ है. इसके अलावा भाग्यरेखा टूटने या मोटी, पतली होने के कारण भी प्रेमी युगल को जुदाई सहनी पड़ती है. अगर आपके हाथों की रेखाएं इन स्थितियों में है तो आप कभी भी एक दूसरे से नहीं मिल पाएंगे. हस्तरेखा ज्योतिष में जब हथेली पर ऐसी रेखाएं दिखाई देती है तो प्यार में बिखराव का अंदाजा लगाया जाता है. यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं की रेखाओं के कारण प्रेमियों को जुदाई का गम सहना पड़े. क्योंकि अगर कोई बीमारी है तो उसका इलाज भी मौजूद है. अगर आपके रिश्ते में दूरियां आ रही हैं या आपका प्रेमी आप से दूर जा रहा है तो किसी अच्छे ज्योतिषाचार्य से संपर्क करें. अगर आप अपने प्रेम को बरकरार रखना चाहते हैं तो सच्चे मन से मां     पार्वती और भगवान शंकर की सुबह शाम आराधना करें और उनके सामने दीपक जलाएं. भगवान शंकर और पार्वती के आशीर्वाद से आपके प्रेम के बीच में आ रही सभी बाधाएं और मुश्किलें दूर हो जाएँगी और इनकी आराधना करने से आपके बीच में शिव-पार्वती जैसा अटूट प्रेम रहेगा.

राशि के अनुसार करें अपने करियर की तलाश

ज्योतिष शास्त्र में राशियों का बहुत महत्व होता है. राशियों के द्वारा आप अपने भविष्य से जुड़ी घटनाओं के बारे में जान सकते हैं. राशियां 12 होती हैं. जन्म के समय के अनुसार अलग-अलग व्यक्ति की राशियां अलग-अलग होती हैं. अगर आप अपने करियर को लेकर कंफ्यूज हैं तो राशि के अनुसार सही कैरियर की तलाश कर सकते हैं.  मेष राशि का स्वामी मंगल होता है. जब कुंडली में मंगल दसवें स्थान पर मौजूद होता है तब मेष राशि होती है.  अगर आपकी राशि मेष है तो आपको प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं. मेष राशि होने पर आप रक्षा विभाग, पुलिस विभाग, धातु से जुड़े काम, राजनीति और प्रशासनिक कार्यों में करियर अपना सकते हैं. इन चीजों में करियर बनाने से आपको अच्छा परिणाम मिलेगा. इसके अलावा अगर आप पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो भी आपको सफलता मिलेगी.  वृष राशि का स्वामी शुक्र होता है. अगर आपकी कुंडली में शुक्र दसवें स्थान पर है तो आप संगीत, सौंदर्य प्रसाधन, मीडिया के क्षेत्र में अपना करियर ट्राई कर सकते हैं. इसके अलावा आप बैंक की नौकरी, विज्ञापन का काम, इलेक्ट्रॉनिक्स का काम भी कर सकते हैं. इन कामों में आपको सफलता मिलने की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं. आप वाणिज्य के क्षेत्र में भी सफलता हासिल कर सकते हैं.  मिथुन राशि का स्वामी बुध ग्रह होता है. अगर कुंडली में मिथुन दशम स्थान पर हो तो आप मीडिया के क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकते हैं. इसके अलावा आप इंजीनियरिंग, शिक्षण, लेखन एवं अनुवादक का काम भी बहुत अच्छे से कर सकते हैं. मिथुन राशि होने पर आप अच्छे संपादक और साहित्यकार भी बन सकते हैं. इन क्षेत्रों में करियर आजमाने से आप सफलता की बुलंदियों को छू सकते हैं.  कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा होता है. यह दशम स्थान में होने पर आप डॉक्टरी का पेशा अपना सकते हैं. इसके अलावा होटल मैनेजमेंट, बेकरी का काम, पशुपालन के कार्यों में भी आपको सफलता मिल सकती है. आप चाहे तो व्यापार के क्षेत्र में भी अपना भाग्य आजमा सकते हैं. व्यापार के क्षेत्र में करियर  बनाने से सफलता मिलने की सम्भावनाये ज़्यादा रहती है.  सिंह राशि का स्वामी सूर्य होता है. कुंडली में सूर्य के दसवें स्थान पर होने से आप प्रशासनिक क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकते हैं. आपके लिए शेयर मार्केट, आभूषण का बिजनेस, दवाइयों का बिजनेस कामयाबी दिलाने वाला होगा. इन क्षेत्रों में आपको सफलता मिलने की ज्यादा संभावनाएं होंगी.  कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह होता है. जन्मपत्री में कन्या राशि दशम भाव में होने पर आप अकाउंटेंट बन सकते हैं. इसके अलावा क्लर्क, चिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, वायुयान चालक, लेखक, संपादक के क्षेत्र में भी अपना कैरियर आजमा सकते हैं. अगर आपकी राशि कन्या है तो आप बिजनेस भी कर सकते हैं. इसके अलावा डाक विभाग की नौकरी और लेखन सामग्री की दुकान भी आपको लाभ दे सकती है तुला राशि का स्वामी शुक्र होता है. कुंडली में दसवें स्थान पर शुक्र मौजूद होने से आप न्याय विभाग में अपना कैरियर बना सकते हैं. आप अभिनय, गायन, फैशन, बिजनेस, फोटोग्राफी के रूप में भी करियर बना सकते हैं. इन कार्यों को करने से सफलता मिलने की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं. इसके अलावा तुला राशि होने पर फर्नीचर का बिजनेस, होटल मैनेजमेंट, टेलर का काम भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा.  वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता है. अगर आपकी राशि वृश्चिक है तो पुलिस विभाग, रक्षा विभाग, रेलवे दूरसंचार विभाग में अपना करियर आजमाएं. इसके अलावा आप बीमाकरता और मेडिकल के क्षेत्र में भी प्रयास कर सकते हैं.  धनु राशि के कुंडली के दसवें स्थान पर 9 अंक लिखा है तो इस भाव में धनु राशि होती है. इस राशि का स्वामी गुरु होता है. अगर आपकी राशि धनु है तो आप खेल में अपना कैरियर बना सकते हैं. इसके अलावा वकालत, लेखपाल के तौर पर भी आप कार्य कर सकते हैं. धनु राशि वाले लोग धर्म प्रचारक एवं धर्मगुरु का कार्य भी आसानी से कर सकते हैं. इस कार्य में आपको सफलता मिलेगी.  मकर राशि का स्वामी शनि होता है. आपकी कुंडली के दसवें भाव में 10 अंक है. मकर राशि वाले लोग कृषि विभाग एवं धातु से संबंधित कार्यों में सफलता हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा लकड़ी के कारोबार में भी आपको सफलता हासिल होगी.  कुंभ राशि का स्वामी भी शनि ग्रह होता है. अगर आपकी कुंडली में कुंभल दसवें स्थान पर विराजमान है तो आप बिजली विभाग में अपना कैरियर आजमा सकते हैं. इसके अलावा आप सलाहकार, मेडिकल, ज्योतिष के क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकते हैं. कुंभ राशि वाले लोग तकनीकी क्षेत्र में भी अपना कैरियर तलाश कर सकते हैं. वायुयान से संबंधित क्षेत्र भी कुंभ राशि वालों के लिए फायदेमंद होता है.  कुंडली में 12 अंक मीन राशि का संकेत देता है. इस राशि का स्वामी गुरु होता है. आपकी कुंडली के दसवें भाव में मीन विराजमान होता है. आप अपना कैरियर राइटर, संपादक, डॉक्टर, धर्म प्रचारक क्षेत्रों में बना सकते हैं. इसके अलावा आप फिल्म इंडस्ट्री में भी अपना करियर ट्राई कर सकते हैं.

घर के वास्तु दोष को दूर करते हैं यह पौधे

अगर किसी व्यक्ति के घर में वास्तु दोष हो तो इससे उसके जीवन में बहुत सारी बाधाएं आ सकती हैं. वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे पौधों के बारे में बताया गया है जिन्हें घर में लगाने से वास्तु दोष को दूर किया जा सकता है. इसके अलावा पेड़ पौधे लगाने से पर्यावरण भी संतुलन में रहता है. वास्तु शास्त्र में ऐसे कई पेड़ों का उल्लेख किया गया है जो  धार्मिक दृष्टि के साथ- साथ वास्तु दोष निवारण में भी सहायक होते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे ही पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें घर में लगाने से आपके घर का वास्तु दोष दूर हो जाएगा और आपके घर में खुशियां आएंगी.   1- अशोक के पेड़ को वास्तु शास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसा माना जाता है कि अशोक का पेड़ घर में लगाने से घर का अशुभ दोष दूर हो जाता है. अगर आप अपने घर के वास्तु दोष को दूर करना चाहते हैं तो अपने घर में अशोक का पौधा जरूर लगाएं.   2- केले का पेड़ घर में लगाना बहुत शुभ होता है. इसे अपने घर के ईशान कोण में लगाएं. केले का पेड़ बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधि होता है. अगर आप अपने घर में केले का पेड़ लगा रहे हैं तो इसके नजदीक तुलसी का पौधा जरूर लगाएं. ऐसा करने से आपके घर में बरकत आएगी. 3- अश्वगंधा का पौधा अपने आप उगता है. वास्तु शास्त्र में इस पौधे को बहुत महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है. यह पौधा वास्तु दोष दूर करने में सहायक होता है. 4- वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में नारियल का पेड़ लगाना शुभ होता है. जिस घर में नारियल का पेड़ लगा होता है वहां पर रहने वाले लोगों के मान-सम्मान में वृद्धि होती है. 5- तुलसी का पौधा लक्ष्मी माता का स्वरूप होता है. इस पौधे को हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. सभी घरों में तुलसी के पौधे की सुबह शाम पूजा-अर्चना की जाती है. घर में तुलसी का पौधा रखने से घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं होता है. इसके अलावा घर में तुलसी का पौधा लगाने से घर का वातावरण पवित्र और शुद्ध रहता है. 6- घर की पूर्व दिशा में बरगद का पेड़ लगाना शुभ माना जाता है. वास्तु की दृष्टि में बरगद का पेड़ बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. इसे कभी भी अपने घर की पश्चिमी दिशा में ना लगाएं. 7- अगर आप अपने घर के वास्तु दोष को दूर करना चाहते हैं तो अपने घर में आंवले का पेड़ जरूर लगाएं. इसे हमेशा अपने घर की पूर्वी और उत्तरी दिशा में लगाएं. रोजाना आंवले के पेड़ की पूजा करना अच्छा होता है. शास्त्र के अनुसार आंवले के पेड़ को लगाकर उसका पूजन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. 8- अपने घर के वायव्य कोण में नीम का पेड़ लगाना शुभ और फलदाई होता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार नीम का पौधा लगाने से घर में सुख शांति बनी रहती है. 9- बिल्वपत्र को भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है. भगवान शिव को बेलपत्र बहुत पसंद होते हैं. घर में बेलपत्र का पौधा लगाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपके घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है. घर में बिल्वपत्र का पौधा लगाकर रोजाना इसकी पूजा करें और इसके पत्ते को शिवलिंग पर अर्पित करें. 10- वास्तु शास्त्र के अनुसार शतावर का पौधा बहुत शुभ होता है. इसे हमेशा अपने घर में इस प्रकार लगाएं कि इसकी बेल ऊपर की ओर बढ़ती जाए. इसे घर में लगाने से घर में मौजूद वास्तुदोष पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं और आपके घर में खुशहाली आती है.